ट्रेड की जिम्मेदारी - निहित जोखिमों को समझना

कॉन्ट्रैक्ट्स फॉर डिफरेंस (सीएफडी) ऐसे डेरिवेटिव उपकरणों हैं जो ट्रेडरों को संपत्ति का स्वामित्व लिये बिना उस संपत्ति के मूल्यों में होने वाले बदलावों पर सट्टा लगाने की अनुमति देते हैं। CFDs की जटिलता के कारण इनमें ट्रेड करने में काफी जोखिम रहता है, ख़ास तौर पर नौसिखिया ट्रेडरों या निवेशकों के लिए जो बाजार के अच्छे जानकार नहीं होते हैं।

बाजार के बारे में सीखने और इसमें शामिल जोखिमों को समझने से CFD की ट्रेडिंग में निहित जोखिम पूरी तरह से समाप्त नहीं होते हैं, लेकिन यह अधिक जानकार निर्णय लेने, आपके निवेशित फंड को अधिक कुशलता से प्रबंधित करने और पर्याप्त जोखिम प्रबंधन लागू करने में आपकी मदद कर सकता है। अगर आप ट्रेडिंग के लिए नये हैं तो हमारे 'प्रारंभ करना' पृष्ठ पर जाएँ और मूल बातों को जानने के लिए एक डेमो खाते में पंजीकृत करें। डेमो खाते मुफ्त और असीमित होते हैं। इन्हें ट्रेडिंग के अभ्यास या एक जोखिम मुक्त वातावरण में अपनी रणनीति का परीक्षण करने में आपकी मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।

अपने लाभ के लिए लेवरेज का उपयोग कैसे करें।

लेवरेज का उपयोग करके ट्रेडिंग करने से ट्रेडर ऐसी पोजिशनों को नियंत्रित करने में सक्षम होते हैं जो अपने प्रारंभिक निवेश के मूल्य से अधिक हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपने अपने खाते में $1,000 जमा कैया है तो 1:200 के लेवरेज के साथ ट्रेड करने पर आप $200,000 की पोजिशन को नियंत्रित करने में सक्षम होंगे जो आपके मुनाफों को काफी बढ़ा देगा, अगर बाजार आपके अनुकूल चलताहै।

हालांकि, अगर बाजार प्रतिकूल दिशा में चलता है तो लेवरेज आपके नुकसानों को काफी बढ़ा देगा। लेवरेज का उपयोग करके ट्रेड करने के बारे में अपने आपको परिचित कराने के लिए आप एक मुफ्त डेमो खाता खोल सकते हैं और देख सकते हैं कि कौन सा लेवरेज आपकी रणनीति के सबसे अधिक अनुकूल है।

कुशल जोखिम प्रबंधन की मुख्य बातें

ट्रेडिंग की दुनिया में उचित जोखिम प्रबंधन अनिवार्य है। ऐसी कई चीजें हैं जिनसे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप जोखिम को कुशलता से प्रबंधित करते हैं:
  • ऐसी धनराशि निवेश करना जिसका नुकसान सहन करने के लिए आप तैयार हैं, अगर बाजार प्रतिकूल दिशा में चलता है।
  • अपने जोखिम का प्रसार करने के क्रम में कई संपत्तियों में निवेश करना। उदाहरण के लिए, कई ट्रेडर स्वयं के द्वारा खोले गए अन्य पोजिशनों के जोखिम का प्रबंधन करने के लिए अक्सर वायदा कॉन्ट्रैक्ट्स में निवेश करते हैं।
  • एक रणनीति के अनुसार ट्रेड करें। आवेग में ट्रेड डालने से बचने की कोशिश करें और सामाजिक-राजनीतिक घटनाओं के साथ-साथ आर्थिक संकेतकों पर ध्यान दें जिनका विशिष्ट संपत्तियों के मूल्य पर एक प्रभाव हो सकता है।
  • नुकसानों को कम करने के लिए 'स्टॉप लॉस' और 'टेक प्रॉफिट' ऑर्डरों का सावधानी से प्रयोग करें।

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तनाव-मुक्त ट्रेडिंग

वास्तविक बाजार की परिस्थितियों में लाइव ट्रेडिंग अक्सर, ख़ास तौर पर नौसिखिए ट्रेडरों के लिए काफी तनाव पैदा कर सकता है। संपत्तियों के मूल्य मिलीसेकंड में बदल जाते हैं और बाजार अक्सर इस तरीके से चलता है जिसका पूर्वानुमान करना मुश्किल है।

कुछ हद तक तनाव उस समय होता है जब ट्रेडिंग न्यायोचित और अपेक्षित होता है, ख़ास तौर पर अगर यह अधिक सुनियोजित फैसलों और अधिक कुशल जोखिम प्रबंधनों की ओर बढ़ता है। हालांकि बहुत अधिक तनाव तत्क्षण फैसलों को जन्म दे सकता है जो आपकी रणनीति को खराब कर सकता है।

ट्रेडिंग से जुड़े तनाव से निपटने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है अपनी रणनीति को एक एल्गोरिदम में बदलना। हमारा विजुअल रणनीति निर्माता, FxPro क्वांट जटिल कोडिंग भाषा के उपयोग के बिना आपके अपने एल्गोरिदम की प्रोग्रामिंग करके आपको अपनी ट्रेडिंग को स्वचालित करने में सक्षम बनाता है। एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग के कई फायदे हैं, क्योंकि यह बाजार पर नजर रखने में आपके द्वारा बिताये जाने वाले समय को कम करता है, गलतियों को कम करता है, आवेग में ट्रेड डालने से आपको रोकता है और आपके ट्रेडों की सटीकताबढ़ाता है क्योंकि सभी गणनाएं एल्गोरिदम द्वारा की जाती हैं।

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