FAQ सामान्य ट्रेडिंग प्रश्न

स्टॉप ऑर्डर और लिमिट ऑर्डर के बीच क्या अंतर होता है?

लिमिट और स्टॉप ऑर्डर के बीच अक्सर अस्पष्टता रहती है क्योंकि दोनों ही पेंडिंग ऑर्डर होते हैं जो ब्रोकर को किसी संपत्ति का भाव एक निश्चित स्तर तक पहुँचने पर पोजीशन खोलने या बंद करने का निर्देश देते हैं। बाय लिमिट ऑर्डर निर्देश देते हैं कि एक पोज़ीशन तब खुली होती है जब बाज़ार मूल्य मौजूदा मूल्य से एक स्तर कम तक पहुँच जाता है, सेल लिमिट ऑर्डर निर्देश देते हैं कि पोज़ीशन को तब खोला जाए जब बाज़ार मूल्य मौजूदा बाज़ार मूल्य से एक स्तर ऊपर पहुँच जाता है।

इसके विपरीत, बाय स्टॉप ऑर्डर मौजूदा बाज़ार से ऊपर डाले जाते हैं और सेल स्टॉप ऑर्डर मौजूदा मूल्य से नीचे डाले जाते हैं।

वास्तव में लिमिट ऑर्डर मौजूदा मूल्य से बेहतर मूल्य प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, जबकि स्टॉप ऑर्डर का उपयोग अपस्विंग का लाभ उठाने और डाउनस्विंग के दौरान हानी को कम करने के लिए किया जाता है। वास्तव में स्टॉप ऑर्डर तब अमल में लाए जाते हैं जब मूल्य क्रिया उन्हें ट्रिगर करती है, इस तरह से बाज़ार की कुछ विशेष परिस्थितियों में उनमें गिरावट आने या खराब प्रदर्शन करने की संभावना बन जाती है।